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शनिवार, 21 अगस्त 2010

पुरूषों द्वारा राह पूछना, शान के खिलाफ़!

पुरुषों को हमेशा इस बात की गलतफ़हमी रहती है कि वे जो भी कर रहे हैं वह सही है, अगर आप इस बात से इत्तेफ़ाक नहीं रखते, तो जरा इस ताजा सर्वेक्षण पर गौर फ़रमाइए। इस सर्वे में कहा गया है कि महिलाओं के मुकाबले बहुत कम पुरुष ही स्वीकार करते हैं कि वे गलत मार्ग पर चले गये हैं

सर्वे के अनुसार, पुरुष गलत मार्गों पर चले जाने की वजह से एक साल में 445 किलोमीटर (276 मील) फ़ालतू में चलते हैं. इसमें से एक चौथाई पुरुष सही दिशा पूछने के लिए कम से कम आधे घंटे का इंतजार करते हैं, जबकि 12 प्रतिशत के लिए तो दिशा के बारे में पूछना शान के खिलाफ़ है।


डेली मेल की खबर के मुताबिक, गलत दिशा में भटक जाने की वजह से एक पुरुष को पूरे जीवनकाल में, पेट्रोल जैसे ईंधन में ही दो हजार पाउंड (डेढ़ लाख रूपए) का चूना लग जाता है. इसके विपरीत महिलाएं गलत दिशा में भटकने से एक साल में करीब 412 किलोमीटर (256 मील) बेकार में चलती हैं.

शीलास व्हील्स कार इनश्योरेंस में एक दिलचस्प बात यह सामने आई है कि सभी चालकों में से 34 प्रतिशत, पुरूष की बजाए महिला से सही दिशा के बारे में पूछते हैं। सर्वे में पाया गया कि करीब 74 प्रतिशत महिलाओं को दिशा पूछने में कोई पछतावा नहीं है। वहीं 40 फ़ीसदी पुरुषों ने कहा कि अगर उन्होंने किसी अजनबी से दिशा के बारे में पूछा तब भी हमेशा उन पर विश्वास नहीं किया।

शनिवार, 31 जुलाई 2010

स़डक हादसों की वजह खूबसूरत ल़डकियां और उनका पहनावा!

बात केवल भारत की नहीं सभी जगह लगभग यही हाल है जैसा कि एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि ब्रिटेन में गर्मियों में पुरूष अधिक कार दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं क्योंकि कार चलाते वक्त उनका ध्यान छोटे कप़डे पहने ल़डकियों की ओर भटक जाता है। अब वहां ठण्ड इतनी रहती है कि गर्मियों में ही कम कपडे पहने जाते हैं!


29 फीसदी पुरूषों ने स्वीकार किया है कि गर्मियों में ग़ाडी चलाते वक्त वे मिनी स्कर्ट और छोटे टॉप पहनने वाली ल़डकियों और महिलाओं को देखने के चक्कर में स़डक पर एकाग्रता नहीं बना पाते। कुल 1300 से अधिक चालकों पर किए गए सर्वेक्षण में पाया गया है कि इनमें से 25 फीसदी पुरूष चालक पिछले पांच वर्षो में कम से कम एक बार दुर्घटना का शिकार जरूर हुए या फिर बाल-बाल बच गए, जबकि 17 फीसदी महिलाओं के नजर वाहन चलाते वक्त भटके।

मनोवैज्ञानिक डोना डॉवसन ने इस बारे में कहा, ""सर्वेक्षण से पता चलता है कि महिलाओं की तुलना में पुरूष ज्यादा दुर्घटना के शिकार होते हैं।"" इस सर्वेक्षण को कराने वाली कार बीमा कंपनी शेइलास के मुताबिक पिछले साल जून से अगस्त के बीच महिलाओं की तुलना में 16 फीसदी अधिक पुरूषों ने बीमा का दावा किया। इसके विपरीत केवल तीन फीसदी महिलाओं ने माना कि वे गर्मियों में पुरूषों के पहनावे से आकर्षित होती हैं और वाहन चलाते समय वे उन्हें देखती हैं।