सोमवार, 1 नवंबर 2010

फूल गोभी व बंध गोभी के शौकीन हो जाएँ सावधान

फूल गोभी व बंध गोभी का सेवन करने वाले सावधान हो जाएं। क्योंकि लगातार इसके सेवन से मस्तिष्क का विकास रुक सकता है। शरीर में आयोडीन की मात्रा घट जाती है, जिससे शारीरिक व मानसिक विकास प्रभावित होता है। यह खुलासा आयोडीन न्यूट्रीशनल स्टेटस आफ एडोलेसेन्ट्स विषय पर पूर्णिया कालेज के प्राचार्य डा. टीवीआरके राव व महिला कालेज पूर्णिया की प्राध्यापिका डा. तुहिना विजय द्वारा किये गए शोध में हुआ है। यह शोध आल इंडिया इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस [एम्स] के द इंडियन जोनल आफ पीडियेट्रीक्स, नई दिल्ली में भी प्रकाशित हो चुका है।


शोध के संबंध में डा. राव ने बताया कि फूल गोभी व बंध गोभी के अलावा मूली, शकरकंद, बांस के कोपल, सरसों, सेम व शलगम में थायोसायनेट पाया जाता है। इन भोज्य पदार्थो को ग्वायट्रोजेनिक फूड भी कहा जाता है।

राव ने कहा कि इनमें थायोसायनेट होने के कारण यह शरीर में आयोडीन के अवशोषण को रोकता है, जबकि आयोडीन की जरुरत शरीर के सभी कोशिकाओं को होती है। ऐसे में अगर लगातार कई महीनों तक दूसरी हरी सब्जियों का सेवन न कर केवल इन्हीं सब्जियों का सेवन किया जाता है तो शरीर को आयोडीन न मिलकर थायोसायनेट ही मिलता रहता है, जो शरीर के लिए हानिकारक होता है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि थायोसायनेट युक्त सब्जियों के सेवन में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करना चाहिए।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बन्दगोभी तो 1990 से खानी बन्द कर दी है!
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    उपयोगी लेख है!

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  2. आपने तो चिंता में डाल दिया पाबला जी, क्‍योंकि फूलगोभी मेरे पसंदीदा सब्‍जी है।


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    मन की गति से चलें...
    बूझो मेरे भाई, वृक्ष पहेली आई।

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