सोमवार, 25 अक्तूबर 2010

महिलाओं की बजाए पुरूष ज़्यादा झूठ बोलते हैं!

ऐसा अक्सर सुना जाता है कि पुरुष ज्यादा झूठ बोलते हैं, जबकि महिलाएं ज्यादा रोती हैं। एक नए अध्ययन में भी इस बात का दावा किया गया है कि पुरुष दिन में छह बार झूठ बोलते हैं। वे महिलाओं की तुलना में दोगुना झूठ बोलते हैं। 'डेली मेल' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्तायों ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि पुरुष अपने पार्टनर, बॉस और सहकर्मियों से दिन भर में औसतन छह बार झूठ बोलते हैं। महिलाएं केवल तीन बार ही झूठ बोलती हैं। यह अध्ययन लगभग 2,000 लोगों पर किए गए सर्वे पर आधारित है।

इसमें यह भी बताया गया है कि पुरुष और महिलाओं द्वारा बोला जाने वाला एक आम झूठ यह है कि 'सब कुछ ठीक है। मैं बिल्कुल ठीक हूं।' अध्ययन के मुताबिक, पुरुष अपने प्रेम प्रसंगों को लेकर ज्यादा झूठ बोलते हैं, जबकि अधिकतर महिलाएं खरीदारी के दौरान की गई खरीदारी के बारे में सच बोलने से कतराती हैं। 83 प्रतिशत युवाओं (पुरुष, महिला दोनों) का यह कहना था कि वे यह आसानी से बता सकते हैं कि उनका साथी झूठ बोल रहा है अथवा नहीं।

शारीरिक भाषा विशेषज्ञ रिचर्ड न्यूमैन ने कहा कि ज्यादातर लोग संकेतों को नहीं भांप पाते हैं। उनका यह अनुमान है कि अगर कोई सच छिपा रहा है तो वह व्यक्ति अपना चेहरा छिपाने की कोशिश करेगा और नजरें नहीं मिलाएगा। दरअसल, हकीकत इसके ठीक उलट है। झूठ बोलने वाला आदमी आपको यह यकीन दिलाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाता है कि वह जो बोल रहा है वह बिल्कुल सत्य है। वह सामने वाले से नजरें मिलाकर बात करता है। ऐसे में सामने वाला व्यक्ति धोखा खा जाता है और उसकी बातों पर यकीन भी कर लेता है।

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