
विश्व सूचना एवं विश्लेषक कंपनी नीलसन की २८ जून को टोक्यो में प्रकाशित सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा 87 प्रतिशत भारतीय महिलाओं ने बताया कि ज्यादातर समय वे तनाव महसूस करती हैं जबकि 82 प्रतिशत भारतीय महिलाओं ने कहा कि उन्हें आराम करने का वक्त नहीं मिलता।
भारत में तनावग्रस्त महिलाओं की संख्या ज्यादा होने के बावजूद वे वित्तीय स्थिति में सुधार की संभावनाओं के मद्देनजर अपनी पुत्रियों को अच्छी शिक्षा दिलाने के प्रति आशान्वित भी पाई गईं। भारतीय महिलाओं ने कहा कि वे अगले पांच सालों में अपनी जरूरतों पर ज्यादा खर्च करने की स्थिति में होंगी। इनमें से 96 प्रतिशत ने अतिरिक्त खर्च कपड़ों पर करने का अनुमान व्यक्त किया, जबकि 77 प्रतिशत स्वास्थ्य एवं सौंदर्य प्रसाधनों पर और 44 प्रतिशत ने घरेलू इस्तेमाल के इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर खर्च करने का संकेत दिया।
फरवरी से अप्रैल तक भारत, तुर्की, रूस, दक्षिण अफ्रीका, नाईजीरिया, चीन, थाईलैंड, मलेशिया, मैक्सिको, ब्राजील, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, स्वीडन, जापान, आस्ट्रेलिया तथा दक्षिण कोरिया में किए गए इस सर्वेक्षण के दौरान साढे़ छह हजार महिलाओं से बातचीत की गई। तनावग्रस्त 74 प्रतिशत महिलाओं के साथ मैक्सिको दूसरे तथा 69 प्रतिशत महिलाओं के साथ रूस तीसरे स्थान पर है।
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